Here's a poem about the sea and waves:

लहरों का गीत

चंचल लहरें, अनंत समुद्र में
उफनती, झूमती, बिखरती हुईं
कभी शांत, कभी उग्र रूप में
अपनी कहानी कहती हुईं

नीले आसमान से मिलती हुई
छू लेती क्षितिज की सीमा
हर लहर में छुपा है संगीत
हर लहर में जीवन का नीरवा

कभी मीठी, कभी तीव्र स्वर में
दुःख, आनंद, क्रोध भरी
धरती और आकाश के बीच
अपनी यात्रा करती हुई