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ही नही...।

जन्म के वक्त बच्चा क्युं हसा ही नहीं? (शायद)
कब्र के सीवा और कोई रास्ता बचा ही नहीं।
वो मांगे और में दु उसमें किंमत ना रहे,
गजल लीखके मेंने अश्रु बहाया ही नही।
गरीबान में जांकु तो शायद मिले बेसबब,
बहारी दुनीयाँ से सुकून मिला ही नही।
नहीं समज पाओगे हमारी चुप्पी को अभी,
महोब्बत बयाँ कर सके वो लब्ज मिला ही नही।
दोस्ती को हमारी कभी कम ना नापना,
राहु-केतु ने कभी कुछ बिगाडा ही नही।
सारथि
©saarthi