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हिज्रतो की राते 💔🥺

हिज्रतो की राते 💔🥺
उन हिज्रतो की रातों में मैने खुद को संभाल के रखा।
जब टूटने लगती तो इन उम्मीदों ने मुझे बिखरने से रोक दिया ।
की देर - सवेर तुम लौटकर आ ही जाओगे ।
मेरे हर एक तसव्वुर में तु ही है।
मेरे हर एक ख्वाब में तु ही है ।
तेरे चेहरे का नूर हमे कुछ यूँ भा गया ।
अब तेरे सामने सारे मुलक की चमक भी फीकी लगती है ।
जानाँ , मै नहीं जानती की तुम कहाँ हो ?
पर उम्मीदें इस दिल में आज भी जिंदा है ।
मेरी निगाहे सिर्फ उस दरवाजे को ताकती है ।
तेरे आने कि उम्मीदें मुझे हर रोज जगा देती है।
हमने तवील शबे तुम्हारी यादों में गुज़ार दी है।
हमे तुम पर ऐतबार है की तुम आओगे जरूर ।
दिल में हो अगर कोई रंजिश तो छोड़ दो उसे ।
आओ चलो मिलकर करे इस जीवन की इब्तिदा ।