आओ चलो रचे इतिहास
जो हो विश्व के लिए खास
मातृभूमि से प्रेम हो खास
दिलाये मातृभूमि को स्थान खास
करें नमन उस शक्ति को आज
जिसके आगे झुकता है यह संसार
आओ चलो प्रेम के दीप जलाएं
अज्ञानता और अन्धकार को दूर भगाए
अंधकार से प्रकाश की ओर
अज्ञान से ज्ञान की आज
असत्य से सत्य की ओर
तय करें दूरी फिर से आज
मातृभूमि को समर्पित कर दें जीवन अपना सारा
दिव्य अलौकिक जीवन है सबसे प्यारा
करें जीवन में कुछ खास काम
जिससे मातृभूमि का विश्व में बने खास स्थान
©vinay1001
V