हँसी भी थी उस चेहरे पर,
आँखों में थोड़ा ग़म भी था,
सबको हिम्मत देने वाला
अंदर से थोड़ा कमज़ोर भी था।
रातों में चुपके रो लेता,
दिन में सबसे हँसता था,
दुनिया उसको महान कहे,
वो खुद से ही लड़ता था।
छोटी-सी एक मुस्कान लिए,
दर्द को पीछे छोड़ गया,
अपने हिस्से के आँसू पीकर
दूसरों को हँसना सिखा गया।
प्रशांत सा उसका मन था,
पर भीतर तूफ़ान भी थे,
वो इंसान साधारण दिखता,
पर उसके सपने महान भी थे। ✨
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