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इल्ज़ाम

उठती उंगलियां इल्ज़ामो की आज मुझपे...
पर ये खामोशी ही है ज़वाब मेरा।
कैसे समझाऊं इस बेख्वाब जमाने को
की उनके शोहरतो से कई दफा बड़ा है ख्वाब मेरा।
~~साहिल
©sahilsing2