इसकी ताकत का एहसास नहीं है तुझको
इसके करने से सोचने तक
इसके दिमाग की बत्ती से सारी चीज़ें खोजने तक
जिंदगी चलती है इसके जुगाड़ से
जब तक ये काम पे रहता आधी चीज़ें भाड़ में
इसकी ताकत का एहसास नहीं है तुझको
हर चीज में अजमाता है
हर जगह अपनी काबिलियत दिखाता है
नाचने से गाने तक , खेलने से बजाने तक
कबाड़ से जुगाड़ तक, जमीन से आसमान तक
इसकी ताकत का एहसास नहीं है तुझको
आधी रात को परीछा में जग जाएगा
इसकी सफलता में मत झांक
अगली सुबह तू इसको टाप लिस्ट में पाएगा
ये होनहार विद्यार्थी है ज्यादा मत सोच
ये इंजिनियर बन जाएगा
इसकी राहों की आड़ में जब बजती है घंटी
चल देता है रफ्तार में
थोड़ा सा मासूम लगता है ,पर प्यार के चक्कर में
समय दे देता बेकार में
इसको कुछ समय दे जिंदगी बना लेगा
यही है असली इंजिनियर चिंता मत कर
खाने की दो रोटी कमा लेगा ।।
©pushpendra
P