P

इंतज़ार

अब इंतज़ार ही लिख गया उसकी मुक्कदर में,
वो किसी ऐसे पर अपना दिल गवा बैठा है,
वो जो अंधेरों के साये में जीने वाला था,
चंद रातों की चांदनी से दिल लगा बैठा है...!!
©priya_vish