P priya_vish hi 23 जुलाई 2025 इंतज़ार अब इंतज़ार ही लिख गया उसकी मुक्कदर में,वो किसी ऐसे पर अपना दिल गवा बैठा है,वो जो अंधेरों के साये में जीने वाला था,चंद रातों की चांदनी से दिल लगा बैठा है...!!©priya_vish