V Vikram Sin hi 23 जुलाई 2025 इस लहेराते समांदर पर मुझे शीशे का मकान बनाना है इस मचालते आसमान में मुझे खुद… इस लहेराते समांदर परमुझे शीशे का मकान बनाना हैइस मचालते आसमान में मुझे खुद को चाँद बनाना हैंमैं किसी और की तरह क्यूं बनूमुझे इस शहर में खुद की अलग पहेचान बनाना है©Vikram Sin