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इश्क़ बेवफा हुई गवा

"हे इश्क़ ,
तूने मुझे ठुकरा के फर्क बस इतना किया है ।
मेरे अश्रु दरियां डुबो देगें ।।
तुम्हारे केवल आंखों से निकल कर ओंठों तक समाप्त हो जायेगें ।।।
- अजय सिंह यादव
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