कोई दुआ मिला , कोई नाम मिला,
यहां वहां सिर्फ इश्क़ का जाम मिला,
नशा तो करने वाले नशा करते मिले,
जिसे इश्क़ हुआ वो भरे बाज़ार मिला,
मोहब्बत काग़ज़ी इश्क़ समंदर में मिला ,
अधूरा मोहब्बत सितारों की गोद में मिला
किसी को सिला मिला, किसी को चांद मिला,
भीगे बरसात में ना कोई अपना ना कोई छाता मिला,
अब ना किसी को घर मिला, ना रुकने को आराम मिला,
सफर चल रहा है अभी भी उन रास्तों में, कहीं धूप तो कहीं काटा मिला,
इश्क के चर्चे मिले महफिलों में, किसी किसी को मोहब्बत मिला
किसी को इश्क़- के गम मिला
©princeyrai
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