V

जाने-अनजाने

दामन में काँटे हैं बहुत उन्हें थी ख़बर,
जख्मों के डर से आज वो हमें जानते नहीं।
वो जो मिलते थे कभी दीवानों की तरह,
आज वो हमें पहचानने भी नहीं।
©vishnuuu_x