V vishnuuu_x hi 23 जुलाई 2025 जाने-अनजाने दामन में काँटे हैं बहुत उन्हें थी ख़बर,जख्मों के डर से आज वो हमें जानते नहीं।वो जो मिलते थे कभी दीवानों की तरह,आज वो हमें पहचानने भी नहीं।©vishnuuu_x