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जगमग दीपावली

*सार्थक - दीपावली*💐
धनतेरस, नरक-चौदस, लक्ष्मी, गोवर्धन पूजा और बनता है भाई - दूज
आरोग्य, संपदा, पुरुषार्थ, स्नेह बंधन निभाने महालक्ष्मीजी को पूज
दीपोत्सव पर होती घर के कोने तक की सफ़ाई
लक्ष्मी जी भी टिकती जिसने
मन से नकारात्मकता हटाई
दीपक की लौ तो दिखती
पर जलता है गरम तेल
उजाले की तरह बनें हम
रखना सबसे ताल-मेल
मन मे व्याप्त घोर अंधेरे,
ईगो को जिसने भगा दिया
सार्थक उसका जीवन जिसने
सहयोग का दीप जगा लिया
स्वच्छता में ही होता है
समृद्धि का सदा निवास
लक्ष्मी जी होती है उनकी
जिनके सच्चे रहते प्रयास
ईर्ष्या मिटाएं, छल कपट हटाएं
रखें आत्मीयता का व्यवहार
मन मे पड़ी गांठें खोलें
सिखाता यही दीपों का त्यौहार
विचार, ज्योति हो अलौकिक
उपजे सोच और नई कल्पना
सौहार्द, यश,वैभव हो सब ओर
पूरा हो आपका देखा सपना
शुद्ध हो मन का मंदिर, क्रोध लालच का विष छोड़ो
परोपकार हो परमो धर्म,
स्वार्थ, मोह के बंधन तोड़ो
किसी से कोई बैर न हो
सभी ओर खुशहाली हो
सब अपने हों कोई गैर न हो
मधुरता भरी ये दीवाली हो
नूतन दीप अवश्य जलाएँ
बुझते हुए को भी बचाएँ
पर्यावरण संरक्षण की ख़ातिर
पटाखे थोड़ा कम ही जलाएँ
दीपों की आभा के संग
खुशियाँ पधारें आपके घर-द्वार
प्रभु का मिले अनन्त आशीष
होंवे सपने सब सच्चे साकार
आशाओं के दियों से रोशन
हो जीवन की हर शुभ घड़ी
सार्थक दीवाली तब ही बनेगी
अभागे के घर जले फुलझड़ी
दुःख, निराशा, समस्या, विपदा
रहें आपसे कोसों मील दूर
सुख, शांति, आरोग्य, विद्या
घर-आँगन में व्यापक भरपूर
दीवाली का यह पुनीत त्यौहार
अवसर लाए असंख्य हज़ार
धान्य से भरे आपका भण्डार
मंगल शुभकामना करें स्वीकार
💐🙏🌻🎊🤹‍♂🍧🐚🌈
©pankajjain