जीवन का अर्थ

पल-पल में छुपा है एक सच
जैसे समुद्र में मौन मछली
कभी उफनता, कभी शांत
कभी मुस्कुराता, कभी रोता

सपनों के धागे बुनता हुआ
अनजान राहों पर चलता हुआ
अर्थ नहीं मिलता कहीं स्थिर
फिर भी चलता जाता निरंतर