सांसों में छुपा एक सवाल
पलों में बिखरे कई जवाब
कभी मुस्कान, कभी आंसू
रंग-बिरंगी यह अनोखी पाठ
न समझ पाए सब कुछ कभी
फिर भी चलते रहे निरंतर
प्रेम, संघर्ष, आशा के तार
बुनते गए जीवन का मंतर
क्षण भर में मिलता सब कुछ
फिर भी खाली नहीं यह साँच
अर्थ है बस इक यात्रा का
जैसे बहता निर्मल नाच