जीवन का अर्थ

पल-पल में छिपा एक राज़
कभी मुस्कान, कभी निराज

सपनों की डोर में बंधा सफ़र
कट जाता हर एक पहर

दर्द भी है, खुशी भी यहाँ
प्रेम की राह पर चलना सदा

जीवन नदी, बहता किनारा
हर मोड़ पर एक नया सवारा

अर्थ नहीं मिलता बस चलने में
मिलता है खुद को संभलने में