जीवन की परिभाषा

जीवन का अर्थ खोजते-खोजते,
कभी सुख में, कभी विपदा में खो जाते।
जीवन का अर्थ बस मिल जाता है,
वहाँ, जहाँ हम स्वयं से मिल पाते।

दरिया सी गहराई, नभ सा विस्तार,
अर्थ है जीवन का नहीं बस बरहाल।
नन्हें से प्रयास में छिपा है अर्थ,
स्वप्नों की उस उड़ान में, जहाँ हर आज का हो कल।

खुशियों की छोटी सी बूँद, आँसुओं की मीठी धार,
जीवन का अर्थ समझाने, हर पल नई कहानियाँ होती प्रकट।
इस मिथ्या संसार में, सच्चाई का अहसास,
जीवन का सच्चा अर्थ, शायद यही हो विश्राम।

सबका अर्थ अलग, सबकी तलाश जुदा,
जीवन का अर्थ बस इतना, ढूँढना खुद को बिना कुछ खोया।
अर्थ ढूँढने की इस यात्रा में, हर कदम पर सीख नई,
जीवन का