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ज़िक्र✍️

अब याद भी करे उन्हें...
तो क्यों करें शिकायतों में
अब अगर ज़िक्र ‌भी करें उनका..
तो क्यों करें सिर्फ रुबायतो में
इल्म नहीं हो पाया जमाने को हमारे वजूद का....
तो क्या???
ख़ुदा से आज भी मांगते हैं.... हम रोज उन्हें अब भी अपनी ‌इननायतो‌ में...
पल भले ही कम थे उन‌ मौसमो के
पर भींगे तो तुम भी थे, मोहब्बत की उन बारिशो में ❤️
~~साहिल
©sahilsing2