V valandanil hi 23 जुलाई 2025 jindagi ka safar मैं उसे भुल ने के लिए सहर छोड़ रहा थाउसकी वो दिन ब दिन खल रही कमि कुछ कहना चाहता था बस चल दिया बिन बताएंबड़े ताज्जुब की बात हो गई ए दोस्त..मैने तो सिर्फ सहर छोड़ दिया उन्होंने जिंदगी का सफ़र छोड़ दिया मेरे लिए…...©valandanil