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jindagi ka safar

मैं उसे भुल ने के लिए सहर छोड़ रहा था
उसकी वो दिन ब दिन खल रही कमि
कुछ कहना चाहता था बस चल दिया बिन बताएं
बड़े ताज्जुब की बात हो गई ए दोस्त..
मैने तो सिर्फ सहर छोड़ दिया उन्होंने जिंदगी का सफ़र छोड़ दिया मेरे लिए…...
©valandanil