जिंदगी को ही चलने दो तब न होगा दौड़ना,
वक्त के बीत ने की घड़ी से तजुर्बा का है होना,
सीखने से परहेज क्यु जब बहुत है हमे सीखना,
उम्र कितनी ही हो चली दिल तौ बच्चा ही रहेगा,
बचपन की हर हरकते होती है नादान न हो पछताना,
हसना रोना मुस्कुराना यह कार्य से हो जाता दिल का बहल जाना,
बढती आयु और उम्र के राह मार्ग मे जब बचपन को साथ रखा,
तब न हो गा जरूरी तमीज को सहलाना या तन्हाई को आलिंगन मे लेना,
बस मुस्कुरालो बेपरवाह होकर अंदाज है अपना अपना,
जब भी देखे खुदको जिंदगी के हर लम्हे मे.....
हर तस्वीर दिखे ताजा.....
मुस्कुरालो जब मर्जी हो न है कोई वजह ढूंढना,
जिंदगी के साथ साथ ही चलो तब...
हो सही माने में जी लेना...!!!
©hemantjsha
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