जरूरी है सबको खुद से बातें करना,
थक गई है दुनिया शायद ,
दूसरो से बात कर करके..!
जरूरी है मुझको दूसरों से बातें करना
थक गया हूँ मैं शायद ,
खुद से बात कर करके..!
थक गया है मेरा प्रतिबिम्ब आईने में,
मुझसे बात कर करके..!
कोसता होगा मुझको शायद
जब भी जाता हूँ आईने के सामने,
पर मजबूर है वो
मेरे हाव-भाव, व्यवहार ,
हर चीज़ की नजर कर करके ,
पर अफसोस! वो और कुछ
कर ही नहीं सकता,
शिवाय मेरे नकल के.....!
©abhitrip
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