मोहब्बत है तुमसे, जानते हो तुम
हर बार इज़हार जरूरी तो नहीं..!
एक तरफा हो, तो भी गम नही मुझे
तुम्हे भी प्यार हो, जरूरी तो नहीं..!
गुफ्तगू ना करनी तुझे तो ना सही
तूं भी करे इन्तजार, जरूरी तो नहीं ..!
अगर सोचते हो की खामोश हूँ मैं
लफ्ज़ हों हर बार जरूरी तो नहीं..!
हमने भेज दिये खत, अब तुम पे ठहरी
तुम दो इसका जवाब जरूरी तो नहीं..!
बात करना चाहूँ तो तुम्हारी क्या खता है
तुम समझो दिल का हाल, जरूरी तो नहीं..!
हमे है दिन रात तुम्हे सोचने की फुर्सत
तुम्हे आये मेरा ख्याल जरूरी तो नहीं..!
जाने किस बात पे खफा हो बैठे हो तुम
खफा होने की कोई बात हो, ये भी जरूरी तो नहीं..!
©riyajangra
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