सैनिक मातृभूमि की रक्षा को तान के सीना खड़ा हुआ
सुरक्षा में तैनात हर सैनिक सरहद को सुरक्षित रखता है
हर दिन चौकस रहती है निगाहें कहीं कोई आ ना जाए
तुम इतनी दलाली मत करना सेना के वीर जवानों की
दिन दूनी रात चौगुनी करते हैं रखवाले सैनिक वतन की
राजनीति भी अजीब है पार्टियां भी मक्कारियां करते है
क्या कुछ होता है शहीदों के नाम पर राजनीति वतन की
दो कौड़ी का नेता आपसी दंगे करा देता झूठी शान मे
जितनी सुरक्षा राजनेताओं की है उतनी शायद सरहद की
जो कल तक आम था वह आज वीआईपी बन गया नेता
शहीदों के ताबूत पर कमीशन खा गए और खाद्य सामग्री
शहीदों के लिए सिर्फ छोटी सी खबर छपती है अखबार में
शहीदों के लिए छोटी सी खबर छपती है अखबार में आज
मंत्री जी का कुत्ता बीमार है, मंत्री जी ने फूलों की बरसात
किसी हीरोइन ने बैंगन घर में हुआ या चर्चा अखबार छवि
मूर्खता की सारी हदें मीडिया ने पार कर ली गुलाम मीडिया
शहीदों के नाम पर चर्चा आम हो गई दिया था दान नेता खा
शहीदों के नाम पर योजनाएं हजारों चली मगर नेताजी के
नेताजी के घर के चौबारे में सीट पड़ी है गुलामों बीड़ खड़ी
शहीदों की चर्चाएं सिर्फ चंद अखबारों में छोटी हैडलाइन है
प्रशासन भी एक जिम्मेदारी समझ शहादत को नमन करता
शहादत के बाद सभी की सहानुभूति होती है शहीदों नमन
18 साल से प्रतीक्षा में है मूर्ति शहीद गोविंद राम अनावरण
सब जगह पत्र भेजे मगर नहीं मिला कोई जवाब भूमिका
7 जुलाई 2002 में पराक्रम ऑपरेशन में शहीद गोविंद राम
क्या प्रशासन सोया हुआ है शहीद की शहादत भूल गया
शहीद की वीरांगना आज भी चक्कर काट रहे शहादत को
सैनिक कल्याण बोर्ड क्यों नहीं करवा सकता निर्माण मूर्ति
शत शत नमन शहादत को सरहद के जवान रखवालों को
चिंता बढ़ जाती है शहादत के बाद परिवार की घर मुखिया
किसान ने अपनी फसल देश को समर्पित की और बेटे को
देश को समर्पित किसान है और देश का हर वीर जवान है
©lawnishtha
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