काश कि तुम समझ पाते
ये आखे जो तुम से कुछ कहना चाहती है
जो कहते कहते चुप हो जाती है
वो उम्मीदें जो तुम से टूट जाती है
वो आस जो तुम से छूट जाती है
काश कि तुम समझ पाते
ये टूटी आस जो मुझे सताती है
ये आंखे तब भर आती है
मेरे लाख समझाने के बाद भी
तुम से फिर आस लगाती है
काश कि तुम समझ पाते ..
मेरे लिए अपना कुछ वक़्त लाते
कुछ अपनी दिल की बतलाते
और कुछ में मेरे दिल की सुनती
तुम से अपना हक जताती
और तुम अपना हक जताते
काश कि तुम समझ पाते
काश कि तुम समझ पाते ...
©jay....
J