एक सन्यास था,एक वनवास था
न बुझने वाली एक प्यास था
मेरे अपनों ने तो जीवन ऐसा दिया
जीवन,जीवन न था एक त्रास था
न कही जाए जो,न सही जाए जो
दिल में अटकी हुई एक फ़ांस था!
priyaprincess panwar
स्वरचित,मौलिक
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dwarkaNewdelhi78
©Priyaprinc
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