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खाली लिफाफा भरा दिल मेरा

मिले तुझसे मुझे ज़माना गुजर गया।
तेरी एक झलक ना मिली मेरा पूरा आशियाना उजड़ गया,
अब बस भी कर ना कितनी सजा देगी मुझे
देख तेरे दीदार में सुधर कर फिर बिगड़ गया।
जिसकी बाहों में खेल रही है तू,
मेरी बाहों से बड़ी ना होगी।
सो री होगी चैन से पगली,
मेरी यादों में जगी न होगी।
दुनिया के लिए बेचारा ही मै
तू मेरे लिए सगी ना होगी
और हा
सजने का बहुत शौक है ना तुझे
तारीफ करने का बहुत मन है मेरा, पर तू मेरे लिए सजी ना होगी।
तू मेरे लिए सजी ना होगी।
©arun1690