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ख़ामोश जुदाई

ख़ामोश जुदाई
"मोहब्बत में इस क़दर रूठेंगे तुझसे,
कि हवाएँ तो छोड़,
तेरी रूह भी कभी मुझे मना नहीं पाएगी।"