शब्दों की धारा रुक गई कहीं
मौन की गहराई में डूबा मन
सन्नाटे में छुपी एक कहानी
जैसे बिखरे हुए विचारों की बयार
कोई स्पंदन नहीं, कोई आवाज नहीं
बस एक शांत आकाश, निस्तब्ध क्षण
शब्दों की धारा रुक गई कहीं
मौन की गहराई में डूबा मन
सन्नाटे में छुपी एक कहानी
जैसे बिखरे हुए विचारों की बयार
कोई स्पंदन नहीं, कोई आवाज नहीं
बस एक शांत आकाश, निस्तब्ध क्षण