शब्दों से परे, एक दुनिया है मौन
जहाँ सिर्फ साँसें करती हैं बयान
मन की गहराइयों में छुपी आवाज
कभी फुसफुसाती, कभी करती विराज
सन्नाटे में भी कितनी कहानियाँ हैं
टूटी हुई आहें, दबी हुई सिसकियाँ
खामोशी - एक ऐसा अनकहा राज
जिसमें छिपे हैं हजार संताप
शब्द नहीं, पर अर्थ बहुत गहरे
मौन में भी कितने स्पंदन भरे