शब्दों के पार एक दुनिया बसी है
जहाँ सन्नाटा अपनी भाषा लिखता है
मेरी आँखें कहानियाँ सुनती हैं
जो कान नहीं, मन महसूस करता है
मौन में छुपी हुई एक गहराई
जैसे समंदर में मौजूद शांत लहराई
कभी-कभी खामोशी इतनी तीव्र होती
कि शब्द भी डर जाते हैं रुक कर
शब्दों के पार एक दुनिया बसी है
जहाँ सन्नाटा अपनी भाषा लिखता है
मेरी आँखें कहानियाँ सुनती हैं
जो कान नहीं, मन महसूस करता है
मौन में छुपी हुई एक गहराई
जैसे समंदर में मौजूद शांत लहराई
कभी-कभी खामोशी इतनी तीव्र होती
कि शब्द भी डर जाते हैं रुक कर