शब्दों के पार एक दुनिया है
जहाँ सन्नाटा अपनी भाषा बोलता है
मौन की गहराइयों में छुपी
एक अनकही व्यथा की कहानी
कभी-कभी चीखें भी दब जाती हैं
खामोशी की मखमली चादर में
आँखें कुछ कहती हैं, होंठ मौन
मन की गहरी परतें खुलती हैं
शब्दों के पार एक दुनिया है
जहाँ सन्नाटा अपनी भाषा बोलता है
मौन की गहराइयों में छुपी
एक अनकही व्यथा की कहानी
कभी-कभी चीखें भी दब जाती हैं
खामोशी की मखमली चादर में
आँखें कुछ कहती हैं, होंठ मौन
मन की गहरी परतें खुलती हैं