खामोशी का संगीत

खामोशी में बहती है, एक अनसुनी गुफ्तगू,
जहाँ शब्दों की नहीं, बस एहसासों की होती है बारिश।

दिल की गहराइयों में, छुपे राज़ बोलते हैं,
आँखों की मौन चमक में, कहानियाँ कही जाती हैं।

खामोशी की छतरी तले, हर खुशी, हर गम छिपा,
बिन कहे, बिन सुने, हर दर्द समझा जाता है।

इस खामोशी के मेले में, खुद से मिलने का जरिया,
खुद की खोज, खुद का सफर, खामोशी संगीत में बसा।