खामोशी में शोर की धुन सुनाई देती है,
रात के अंधेरे में भी चांदनी बिखेरती है।
सन्नाटे की यह गहराई, खुद से मुलाकात कराती है,
अनकही बातें, अधूरे ख्वाब, सब याद दिलाती है।
खामोशी की यह भाषा, हर दिल को समझ आती है,
मन की गहराइयों में छिपे, हर राज से पर्दा हटाती है।
इस खामोशी में ही, जीवन का संगीत है,
हर शोर से परे, यही तो हमारी अधूरी प्रीत है।