मैं बन जाऊ कलम ,
तुम बन जाओ स्याही यारा ,,
आ लिख दें एक नई कहानी ,
हम दोनों की यारा ,,
बनाएगें कुछ नई ,
लिख देंगे कुछ यादें पुरानी ,,
और कहानियों से होगी अलग ,
इसमे बिछडेगें नहीं राजा रानी,,
लिख तो मैं दूंगा ,
सुनाना तुम अपनी जुबानी,,
लिख दूँ कुछ खास जज़्बात यारा,
तुम बन जाओ मेरे अल्फाज़ यारा ,,
आ लिख दे एक नई कहानी ,
हम दोनों की यारा,,
हमसे ही शुरु ,
हमपे ही खत्म ,
हर बात होगी,,
कुछ बातें तेरी मासूमियत की,
तो कुछ मेरे गुस्से की होगी ,,
कुछ लिखूंगा तेरी नादानी ,
कुछ हरकतें मेरी बचकानी,,
लिख दूँ कुछ ख्वाईशे मेरी,
कुछ तेरी मनमानी ,,
लिख दूँ कुछ लडाई की,
कुछ बातें अपने प्यार की यारा,,
मैं बन जाऊ कलम ,
तुम बन जाओ स्याही यारा ,,
आ लिख दें एक नई कहानी ,
हम दोनों की यारा,,
©kaliramana
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