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khash hum mile hi nhi hote....

हम मिले ही नहीं होते,
ये किताबों के पन्ने लिखे ही नहीं होते,
तूने कहा मिटा दो या जला दो इनको,
एक बार तो देख लेते कितने,
गहरे लिखे थे हमने ये पन्ने !!!!
©nupurdixit