खड़ा हिमालय बता रहा है
डरो न आंधी पानी में,☺️
खड़े रहो तुम अविचल होकर
सब संकट तुफानी में,
डिंगो न अपने प्राण से तो
तुम सब कुछ पा सकते हो प्यारे ,
तुम भी ऊंचे उठ सकतें हो
छू सकते हो नभ के तारे ,
अंचल रहा जो अपने पथ पर
लाख मुश्किल आने में
मिली सफलता उसको जग में जीने में मर जाने में ।
©vijeta
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