आजकल मेरी हर बात तुम्हें खटक जाती है,
कि शोरगुल की गालियां सन्नाटे में बदल जाती हैं ,
मैं सोचती हूँ पूंछ लूँ तुमसे एक बार,
कि तुमको भी मेरे नाम की हिचकियाँ आतीं हैं।
मन मे तो इतने ख्याल है कि तुमको क्या बताए ,
पर सामने से तुमको एक मुस्कान भी ना दे पाए,
तेरे चेहरे का नजर उठा कर हम, दीदार भी ना कर पाए,
तुम इतने पास थे फिर भी पास क्यूँ ना आए।
क्यूँ प्यार से कही हुई बातों पर भी झगड़ते हो,
मानना भी चाहूँ यार, तब भी तुम अकड़ते हो,
मेरी किसी बात पर भरोसा भी नहीं करते हो,
तुम इतना हमसे लड़ते हो, कहते हो प्यार करते हो।
©calmvalley
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