खुद से मुलाक़ात
भीड़ में चलते - चलते हम अक्सर खुद को हि भुला देते है ।
दुसरो का दर्द समझ ले मगर खुद का दर्द ही समझना भूल जाते है ।
हम अपने चेहरे पर झूठ का एक नकाब पहन लेते है।
मगर खुद का ही असली चेहरा देखना भूल जाते है ।
हर ख्वाब हर उम्मीद सब टूट जाते है ।
जब हम खुद को ही नही समझते ।
क्यों दुसरो से मुलाक़ात करने के पीछे पड़े हो ?
क्यों खुद से मुलाक़ात करना भूल जाते हो ?
ये पैसा ये दान दौलत कुछ काम कि नही ।
जब व्यक्ति खुद को ही जानता नही ।
अक्सर झोपडी में रहना वाला व्यक्ति भी सुकून से सोता है ।
और एलन मस्क भी डिप्रेशन की गोलियाँ खाता है ।
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