आज उनके झूठ की इंतहा हो गई,
जो मोहब्बत कल तक हमसे थी आज वो हजारों से हो गई।
यूं तो बड़े सच्चे आशिक़ थे वो। ,मगर
नियत उनकी भी यहां फिसल गई।
फिर भी" कहते है मोहब्बत तुमसे ही है आज भी,
जीने की वजह तुम ही हो आज भी,और
खाते है वो कसमे ,करते है वो वादे ,मगर
उनके झूठ की इस कशमकश मै जिंदगी मेरी तबाह हो गई।
उनको फर्क तक ना पड़ा मेरे यू जार जार हो जाने से ,क्योंकि उनकी दिल्लगी फिर किसी हुर से हो गई।
आज वही वादे 🥴वही कसमें वो किसी और को देते है। उनको अपने जीने की वजह कहते है।
और बाते करते है वो लड़की की इज्जत उसके सम्मान की,
क्या समझे इसे मेरा दिल, की उनके झूटो की इंतहा अब तक ख़तम ना हुई।।।
बस अब बहुत हुआ बस भी करो ,अपने इन झुठो को ख़तम भी करो, थक गई हूं तुम्हारे फरेब को सुन सुन कर।या तो जिंदगी सुरु ही करो या ख़तम ही करो।।।
©mammu
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