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ख़्वाब है कुछ अधूरे ,जिन्दगी में क्यों है ये खालीपन हसरतें क्यों है बेगानी सी…

ख़्वाब है कुछ अधूरे ,जिन्दगी में क्यों है ये खालीपन

हसरतें क्यों है बेगानी सी दिल क्यों करता है मनमानी सी ।।

जिंदगी चलती हैं क्यों अपने शर्तों पे

बात क्यों नहीं होती है दिल के मर्जी सी

दर्द क्यों मिलते है अपने पन से

लोग क्यों होते हैं बेकार से ,

उल्फ़ते ये जिंदगी क्यों होती हैं खुद से परेशानी सी

दिल में क्यों होता हैं कुछ अनजानी से अनकही बातें।।