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ख्वाहिश

हर ख्वाहिश आसमान को छु जाती है
होशलो को परिन्दे बना उदा जाती है
मंजिल की राह में मुश्किले भले ही हजार हो
उन मुस्किलो को भी मुश्कुराते हुए
पार कर जाती है
ये उम्मीद नही , एक ख्वाहिश है
जो हर पल सताती है
यही दुआ करते है हम और
ये ख्वाहिश युही बढ़ती चली जाती है
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