H

ख्वाईश समा प्यार

ख्वाईश से ना खेलों ख्वाब बनकर रहा जाएगी,
खामोशी से ना रहो गुमसुम घुटन से वह मर जाएगी,
शाम के आने जाने मे मत उलझ ना समा खिलने से रह जाएगी,
प्यार को इतिहास बनने ना देना मिलन की घड़ी बीत जाएगी,
बाहों में हो तब हटने का मत सोचना मोहब्बत रुसवा हो कर घट जाएगी...
©hemantjsha