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कितना आसान था इलाज मेरा

पूछ लेते वो बस मिजाज मेरा,
कितना आसान था इलाज मेरा।
आज जब सारी दुनिया अपनो के पास जा रही हैं,
मुझे भी उनकी बोहोत याद आ रही हैं।
इस मतलबी दुनियां से कही दूर जाना चाहता हूं,
इस अंतिम समय में बस उनकी गोद में सोना चाहता हूं।
मरने से डर नहीं लगता,
ये आंखे उनको देखे बिना बंद न हो जाए, इस बात से डर जाता हूं।
जीने की आस खतम होती जा रही है,
क्योंकि ये आंखे उनको ढूंढ नहीं पा रही हैं।
पूछ लेते वो बस मिजाज मेरा,
कितना आसान था इलाज मेरा।।
©adish