कल कुछ अधूरे थे आज पूरे हो जाए
कल कुछ आंसू थे आज हंसी बन जाए
कल कुछ किस्से थे आज कहानी बन जाए
कल कल में था आज आज बन जाए,
कल कुछ कोरे कागज़ थे आज वो भर जाए
कल कुछ लफ्ज़ थे आज अल्फाज़ बन जाए
कल कुछ सपने थे आज पूरे हो जाए
कल की शाम आज की सुबह बन जाए,
कल काला था आज उजाला बन जाए
कल का प्यार आज मुक्कमल हो जाए
कल एक आग थी आज पानी बन जाए
कल की नफ़रत आज मोहब्बत बन जाए,
कल के फूल आज बाहर बन जाए
कल के लोग आज परिवार बन जाए
कल की यादें आज की आस बन जाए
कल का तय सफ़र आज पूरा हो जाए
©namrata05
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