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कलम की शक्ति

कलम अगर तन है,
तो स्याही मेरी लहू;
कलम की मशाल से,
स्याही की धार से,
नई हिन्दुस्तान बनायेंगे,
भारत को विजय विश्व गुरू बनाऐंगे!
जवान हिन्दुस्तान आज जग चुका है,
अहिंसा,सत्य,गीता-ज्ञान के किरण-पूंज से;
अखण्ड-विश्व को अपनी ज्ञान-दीप से,
हम मोती-माणिक-सा चमकाऐंगे !
हाँ, जवान हिन्दुस्तान आज पुकार उठा है,
भारत को विजय विश्व गुरू बनायेंगे!--2!
🔱संदीप कुमार "संजन"🔱
©skmahto