मेरे गम में साथ निभाओ तो कोई बात बने,
मेरे साथ आतंक को भगाओ तो कोई बात बने।
दुनिया दुश्मन हैं दोस्ती की तोहमते लगाएँगी,
आतंक से नजर से नजर मिलाओ तो कोई बात बने।
दोस्ती आसान हैं मगर निभाना मुश्किल,
कदम हौसलो से उठाओ तो कोई बात बनें।
माँ के नाम पर यार मेरे,कर दे जान फिदा दोनों, मिटकर भी फर्ज निभाये तो कोई बात बने।।
©aman7376
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