कर्मों का फल
एक दिन गया जब में बाबा जी के पास
बाबा जी फिर मुझसे बोले क्या है बेटा हाल
मै बोला कुछ ठीक नही बीबी से झगड़े जो हुए हैं
बाबा जी ने बोला फिर ग्रह नक्षत्र बिगड़े जो हुए है
उनको सही करना अब पड़ेगा गूंगा फिर रहना पड़ेगा
बीबी से झगड़ोगे जीवन कम हो जाएगा
सहना अब तुम सीख लो यहीं है कलयुग ज्ञान
मैं फिर बोला बाबा जी से ऐसा क्यों है मेरे साथ
बाबा जी ने मुझसे बोला पिछले जन्मों का हैं सब खेला
जोड़ी ऐसी बनती है मन से मन नहीं मिलते है
दोनों विपरित चलते है। मान ले मेरी बात
जीवन जीना सीख ले सब कुछ सहना सीख ले।
J