S skmahto hi 23 जुलाई 2025 कुछ अल्फ़ाज ठंडी-ठंडी हवायें जब चलती है,कितना मन को लुभाती है;प्यारी,प्यारी लगती है जब,कितनी आँखें हर्ष से खुली-खुली सी रह जाती है तब!!©skmahto