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कुछ भी ( lockdone breakup )

तुम जैसे मुझसे रुखसत हुई  ऐसे भी कोई होता है क्या?
चार लोग थे ...क्या ये शहादत थी या थी डोली
सारे गमो के पहाड मेरे ऊपर छोड गई क्या तुम्हारे हम अपने थे ?
मेरी जिंदगी में एक तुमसा हसी कुछ और न
वो पागलो जैसे मुहब्बत वो बेताबी वो टूट टूट के प्यार ...
अब बोलो ऐसा क्यो कि ...
ऐसे कौन नाराज होते है किसी से जैसे तुमने हमसे निभाई ...
कैसे रहूंगा तुम्हारे बगैर इस सुन शान जिन्दगी में ये तो कम से कम सोचा होता ...
अमीर तो हम तब थे जब तुम मेरे पास थी अब तो सच में गरीब हो गया ...
तुम्हारी हवस होगी शायद हमारी तो मुहब्बत थी न ...
तुम तो जी ली शायद ...मैं मर गया ...
©rahulkr