A

लक्ष्य की ओर by Aditya Kumar

निकल चला मैं लक्ष्य की ओर l
अपनी गहरी परछाई के साथ
पनही कहां? पानी था मुश्किल
था नहीं ऐसा कोई पेड़ ,
जहां छिपा सकूं अपनी परछाईl
था,लेकिन इससे उसका कोई लगाव नहीं,
वही तार व खजूर जिससे इसका कोई लगाव नहींl
निकल चला मैं लक्ष्य की ओर-2
©awazaditya